Vandana वन्दना (गंगा की लहरें)-Kavi Abdul Jabbar (GL-58)

 वन्दना

ऐ माँ सरस्वती तुम्हारी वन्दना करें

 हाथ जोड़ हम तुम्हारी अर्चना करें 

शुद्ध कर हमारे मन के दोष छांट दे

 विद्या दया का दान हम सभी में बाँट दे 

दे वो शक्ति जन की सेवा वंदना करें 


  एकता के सूत्र में बंधे रहें सभी

 मन मुटाव से सदा बचे रहें सभी 

दर्द बांट लें किसी को दर्द ना करें


हम जीएं मरें हमारे देश के लिए

 "सत्यमेव जयते" संदेश के लिए

 बुरी नज़र तिरंगे पर पसंद ना करें


 देना मेरे देश को वो नेता भारती 

  कुर्सी से पहले देश की उतारें आरती

 जनता को मेरे देश की जो तंग ना करे 


अनंत में झुका के सर बिछाके दो नयन

 स्वीकार लो, स्वीकार लो, विनम्र ये नमन

 तेरे चरण कमल से शीश तर्क ना करें