Aankhon kee roshanee आँखों की रोशनी (गंगा की लहरें)-Kavi Abdul Jabbar (GL-46)


आँखों की रोशनी 

अनमोल है संसार में, आँखों की रोशनी

 खोना नहीं बेकार में, आँखों की रोशनी 

बिन ज्योत के लाचार, बेबस है आदमी

 मिलती नहीं बाज़ार में, आँखों की रोशनी 

आँखें बदन की शान है चेहरे का नूर हैं 

वो आँख क्या है जो के रोशनी से दूर है 

  उजाले की हिफाजत हो अंधेरे के चलन से 

 रखिये सदा बहार में, आँखों की रोशनी

 वो चांद चांदनी वो सितारों भरा गगन 

सूरज की किरणें छू के हुई ये धरा मगन

 बिन नैन के नज़ारा ये कुदरत का क्या करें

 गुल सी लगे गुलज़ार में आँखों की रोशनी 

हो हौंसला तो कोई भी मोहताज नहीं है

आँखों का मोतिया भी लाइलाज नहीं है 

निकाल देंगे आँख से पलभर में डॉक्टर 

ऑपरेशन के इंतज़ार में आँखों की रोशनी 

आँखों में दर्द हो तो अस्पताल जाइये

 लेकर दवाई राय से चश्मा लगाइये 

नाजुक सा अंग आँख है संभाल कीजिये

 लुट जाए ना घर-बार में आँखों की रोशनी